अधिवक्ताओं ने रामगंगा विहार स्थित रजिस्ट्री ऑफिस में धरना देकर ई-पंजीकरण और फ्रेंचाइजी आधारित रजिस्ट्री प्रणाली के निर्णय का विरोध किया। उन्होंने डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। उत्तर प्रदेश शासन ने एक जुलाई 2026 से रजिस्ट्री कार्यालय में होने वाले कार्यों का फ्रेंचाइजी के माध्यम से ई-पंजीकरण कराने का निर्णय लिया है। इसके विरोध में सोमवार को दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के पदाधिकारी, सदस्य अधिवक्ता और कचहरी के स्टांप विक्रेता, दस्तावेज लेखक रजिस्ट्री ऑफिस पर एकत्रित हुए और उन्होंने धरना प्रदर्शन किया। बार अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि अधिवक्ता विरोध कर रहे हैं। अगर शासन इस व्यवस्था को लागू करेगी तो भविष्य में इस कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान बार सचिव कपिल गुप्ता, अभिनव भट्ट, रमा पांडे, आवरण अग्रवाल, शिवकुमार गौतम मोहम्मद आसिम, सुभाष चंद्र माथुर, राजीव चौधरी, विश्वास गुंबर, मोहम्मद इब्राहिम, मोहम्मद नाजिम, अजय पाल, राघव गुप्ता समेत अन्य अधिवक्ता रहे।