राकेश टिकैत ने मुरादाबाद के करीब 273 गांवों में भूमि अधिग्रहण की तैयारी पर सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों की जमीन के दाम ठीक हैं लेकिन 2047 तक 70 फीसदी किसानों की भूमि पूंजीपतियों और उद्योगपतियों को दी जा चुकी होगी। सरकार जल्द ही इन गांवों की जमीन उद्योगपतियों को ओने-पौने दामों पर देना शुरू कर देगी, जिसके बाद यहां बड़ी परियोजनाएं लगेंगी। इसके बाद किसान और उनके बच्चे इन फैक्टरियों में मजदूरी करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने किसानों को सावधान रहने और बहकावे में आकर अपनी जमीन का सौदा न करने की सलाह दी।