लाइनपार स्थित कात्यायनी मंदिर में सामवेद एवं नौ दिवसीय आयोजित श्रीराम कथा में श्रद्धालु सीता हरण प्रसंग सुनकर भावुक हो उठे। कथाव्यास ने कहा कि वनवास के दौरान शूर्पणखा भगवान राम और लक्ष्मण पर मोहित हो गई थी। माता सीता पर आक्रमण करने पर लक्ष्मण ने उसके नाक-कान काट दिए। इसी अपमान का बदला लेने के लिए रावण ने मारीच की सहायता से स्वर्ण मृग का छल रचा और माता सीता का हरण कर लिया। जब भगवान श्रीराम वन से लौटे तो कुटिया खाली देखकर वह और लक्ष्मण व्याकुल होकर जंगल में सीता की खोज करते रहे। इस मौके पर रामाशंकर सैनी, प्रभा सैनी, काजल सैनी और रविंद्र सिंह मौजूद रहे।