सुर-लय-ताल की महफिल में शहरवासी बृहस्पतिवार की शाम देशभक्ति के रंग में रंग गए। सूफी संगीत के साथ देशप्रेम के गीतों और गजलों ने हर किसी को मोह लिया। निजामी बंधुओं ने दिल दिया है जान भी देंगे...ए वतन तेरे लिए...के बोल पर सुर लगाया तो हर कोई भारत माता के जयकारे लगाने लगा। मौका था चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाषचंद्र बोस सभागार में अमर उजाला के तहत जश्न-ए-आजादी : एक शाम कवि, कव्वाल और शायरों के नाम कार्यक्रम का। इसमें निजामी बंधुओं शादाब निजामी और सोहराब निजामी ने छाप तिलक सब छीनी तोसे नैना मिलाइके...से शुरुआत की। इसके बाद कोई पुकारे अल्लाह तुझको, कोई कहे भगवान, हाथ जुड़े तो अल्लाह, हाथ जुड़े तो राम...। फिर, मेरे रश्के कमर तेरी पहली नजर..., जब नजर से मिलाई मजा आ गया...गाया तो पूरा पंडाल झूम उठा।