मुहर्रम की दसवीं तारीख (यौम-ए-आशूरा) पर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को गमगीन माहौल में विदाई दी गई। लब्बैक या हुसैन की सदाओं के बीच जैदी फार्म और लोहिया नगर में ताजिये और जुलजनाह के जुलूस निकाले गए। दोपहर 2 बजे छोटी कर्बला से ताजियों का मुख्य जुलूस हसन मुर्तजा के नेतृत्व में निकला। पूर्व चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी और पूर्व पुलिस कमिश्नर कमर अहमद जैदी ने भी शिरकत की। जुलूस घंटाघर और ईदगाह चौराहा होते हुए कर्बला मनसबिया पहुंचा। रास्ते भर नौहे पढ़े गए और इमाम हुसैन की शहादत को याद किया गया। सुबह के समय गजनफर अब्बास और हाजी शमशाद अली के नेतृत्व में भी पारंपरिक जुलूस निकाले गए, जिसमें सुन्नी समुदाय का भी सहयोग रहा।