शिक्षा के मंदिर में जब डर बस जाए, तो सवाल सिर्फ सुविधाओं का नहीं, ज़िंदगी का बन जाता है। हस्तिनापुर विकासखंड के लुकाधड़ी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय इसी सवाल से जूझ रहा है। यह स्कूल वर्ष 1998 में बना था, जिसमें दो कमरे और एक ऑफिस शामिल था। लेकिन निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल होने के चलते बिल्डिंग करीब पांच साल पहले ही जर्जर होने लगी। अब बारिश के दिनों में छतों से पानी टपकता है और हर दिन बच्चों व शिक्षकों के लिए जोखिम का सबब बन गया है। स्थिति इतनी खराब है कि शिक्षक अब स्कूल को आंगनबाड़ी केंद्र में संचालित कर रहे हैं ताकि जान जोखिम में न पड़े। लेकिन इससे आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ रहे छोटे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय शिक्षकों और ग्रामीणों ने कई बार इस गंभीर स्थिति से शिक्षा विभाग को अवगत कराया है, लेकिन अब तक न तो कोई निरीक्षण हुआ और न ही नया भवन बनाने की दिशा में कोई पहल। लोगों की मांग है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के अधिकार को प्राथमिकता दी जाए और जल्द से जल्द भवन निर्माण शुरू कराया जाए।