मेरठ। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने बताया कि कांवड़ यात्रा से संबंधित अधिकांश कार्य पूरे हो गए हैं। संवेदनशील फीडरों पर नोडल अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मेरठ में भोला फीडर और औघड़नाथ मंदिर जैसे स्थानों को मॉनिटर किया जा रहा है। विद्युत खंभों में करंट रोकने के लिए हार्ड प्लास्टिक के कवर लगाए गए हैं। बुलंदशहर में पॉली कार्बोनेट और गाजियाबाद में बिटुमिन की शीट का प्रयोग हो रहा है। विद्युत विभाग की टीमों को कॉन्टैक्ट लेस टेस्टर दिए गए हैं ताकि लीकेज रोका जा सके। मेरठ के ब्रह्मपुरी में एक योजना स्वीकृत हुई थी, पर आपत्ति के कारण ट्रांसफार्मर नहीं लग पाए। फीडर को दो भागों में बांटकर लोड बांटा जाएगा। संविदाकर्मियों को नियुक्त करने वाली कंपनी को नोटिस देकर ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। रामपुर में वर्टिकल सिस्टम से छह महीने में जुड़वा लाइनें बनीं। पश्चिमांचल में माइनस बैलेंस वाले प्रीपेड कनेक्शन दो लाख से घटकर 40 हजार रह गए हैं।