गगोल तीर्थ, जेलचुंगी में सूर्य उपासना के पर्व के समापन से एक दिन पूर्व मेला लगाया गया। संध्या समय अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने महिलाएं मस्तक पर सिंदूर लगाए सोलर शृंगार कर पहुंची। टोकरी में पूजन सामग्री के साथ ठेकुआ, ड्राई फ्रूट, फल, नारियल लेकर जलाशय पर पहुंचीं। मिट्टी से मां का प्रतीकात्मक स्वरूप तैयार कर कथा पढ़ी। तीन दिन पूर्व ही जलाशयों पर व्रतियों के परिजनों के द्वारा स्थान निश्चित कर दिया गया था जहां बैठकर उन्हें पूजा अर्चना करनी है।