अयोध्या, काशी के बाद शासन की मथुरा-वृंदावन को विश्व मानचित्र पर दमकाने की मंशा है। विजन-2030 के तहत मथुरा-वृंदावन में 258 परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। इसके बाद बुधवार को मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसके बाद वर्ष 2025-26 में 33 परियोजनाओं पर 4327.98 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही 2030 तक 258 परियोजनाएं 34 हजार करोड़ रुपये से विकसित की जाएंगी। डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि बुधवार को बैठक कर इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। जल्दी कार्य शुरू कराया जाएगा। वर्ष 2025-26 की 33 स्वीकृत परियोजनाओं में मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण की 5, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की 1, लोक निर्माण विभाग की 5, सड़क परिवहन एवं राज्यमार्ग मंत्रालय की 1, मथुरा वृन्दावन नगर निगम की 19, सिंचाई विभाग की 1 तथा पशुपालन विभाग की 1 परियोजना शामिल है। उक्त 33 परियोजनाओं की कुल लागत रुपए 4327.98 करोड़ है। उक्त कार्यों में महत्वपूर्ण परियोजनाओं में वृन्दावन बाईपास (जैत-यमुना एक्सप्रेस-वे) की परियोजना, ग्राम रहीमपुर (निकट फरह) में टाउनशिप का विकास, ग्राम छाता में टाउनशिप का विकास, गोवर्धन में परिक्रमा मार्ग (अन्यौर) के निकट नाले का निर्माण कार्य, बरसाना में राधारानी मन्दिर के बह्मांचल पर्वत स्थित प्रवेश द्वार / मार्ग का विस्तारीकरण, मथुरा में एकीकृत नियंत्रण केन्द्र (आईसीसीसी) का निर्माण, कृष्णा नगर में वाणिज्यिक प्लाजा सहित बहुस्तरीय कार पार्किंग का निर्माण कार्य, जवाहर बाग में श्री कृष्ण लीला पर आधारित "कृष्णलोक" थीम पार्क का विकास, मसानी से गोकुल रेस्टोरेंट तक सड़क का सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य, ब्रज अर्बन हाट का निर्माण, मथुरा बांगर में नगर निगम की भूमि पर मिनी स्टेडियम का निर्माण आदि शामिल है।