जिले में ईंधन की आपूर्ति में की गई कटौती का असर साफ दिखाई दे रहा है। इसके चलते बिहार प्रांत के सीमावर्ती इलाके से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित पेट्रोल पंप ड्राई हो गए हैं। हालात यह है कि इनमें से कहीं पर अगर डीजल की उपलब्धता है तो वहीं, पेट्रोल एक बूंद भी नहीं है। इसके अलावा ईंधन के अभाव में तमाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं, एनएच-28 के किनारे स्थित पेट्रोल पंपों पर तेल की उपलब्धता के चलते वाहन चालक वाहनों के टैंकों में तेल भरवाते नजर आए। इसका असर कृषि कार्यों व शादी-विवाह, मांगलिक व यज्ञ,अनुष्ठान आदि कार्यक्रमों में पेट्रोल-डीजल की खपत में वृद्धि हुई है। हालात यह है कि पेट्रोल पंपों के संचालकों के तरफ से मांग के अनुरूप उन्हें डीजल व पेट्रोल की आपूर्ति नहीं की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, ईंधन की आपूर्ति में पंप ड्राई होने के बाद ही किया जा रहा है।