अमृत पेयजल योजना के अंतर्गत पश्चिमी गंगाघाट के कई मोहल्लों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति होना है। इसको लेकर जल निगम की ओर से तेजी से कार्य कराया जा रहा। नगर पालिका परिसर स्थित जर्जर पानी की टंकी की मरम्मत कार्य शनिवार से शुरू करा दिया गया है। इसे पूरा होने में डेढ़ माह लगेंगे। करीब दो माह में हजारों घरों में जलापूर्ति होने लगेगी। मालूम हो कि करीब चार माह पहले जल निगम ने कानपुर आईआईटी से तकरीबन एक लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी की मरम्मत को लेकर जांच कराई थी। इसमें यह जाना जा रहा था कि टंकी मरम्मत योग्य है अथवा नहीं। इस पर आईआईटी कानपुर ने टंकी मरम्मत योग्य होने की रिपोर्ट दी थी। इस बीच टंकी मरम्मत कार्य शुरू कराया गया, लेकिन बीच में विभागीय कारणों से कार्य बंद हो गया। शनिवार को पुन: एक माह बाद कार्य शुरू कराया गया। इसे आगरा की एचएमएस कंपनी करा रही है। कंपनी के सुपरवाइजर सर्वेश कुमार ने बताया कि टंकी के जर्जर जीने, दीवारे, तली, पिलर आदि की मरम्मत करने के साथ ही रेलिंग लगाने और पेंटिंग का कार्य होगा, जिसे पूरा करने में डेढ़ माह लगेंगे। बताया कि करीब सात लाख की लागत से मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। वहीं, जल निगम के एई सुनील कुमार ने बताया कि दो माह बाद से संभरखेड़ा स्थित डब्लूटीपी से सीधे पानी की आपूर्ति टंकी में की जाएगी। यहां से पश्चिमी क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक मोहल्लों को जलापूर्ति होगी। सुभाष नगर, ऋषिनगर, मदनी नगर, कप्तान साहब का हाता, मार्डन कालोनी, तिवारी का बगीचा समेत अन्य मोहल्ले शामिल हैं।