प्रकृति की मार जब बेजुबान जानवरों पर पड़ती है, तो उनकी बेबसी साफ झलकती है। दिसंबर के अंतिम दिनों में हाड़कंपाऊ ठंड से बेजुबान बेबस नजर आ रहे हैं। भीतरगांव इलाके में लंगूरों का यह दृश्य बहुत मर्मस्पर्शी है। वे अपने शरीर की गर्माहट बचाने के लिए एक साथ झुंड बनाकर बैठ रहे हैं, ताकि बॉडी हीट बनी रहे। पशु चिकित्सक डॉक्टर ज्योति सचानन बताती हैं कि लगातार ठंडी हवाओं के संपर्क में रहने से इन बेजुबानों को भी इंसानों की तरह हाइपोथर्मिया हो सकता है, जो जानलेवा साबित होता है।