सरसौल विकासखंड क्षेत्र के पाल्हेपुर गांव में चल रही बीस दिवसीय रामलीला के चौथे दिन रविवार रात दशरथ मरण की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। पुत्र राम के वियोग में हा राम-हा राम कहते हुए राजा दशरथ ने प्राण त्याग दिए, जिसे देख दर्शकों की आंखें नम हो गईं। लीला में दिखाया गया कि मंत्री सुमंत खाली रथ लेकर देर शाम अयोध्या लौटते हैं। जब राजा दशरथ को पता चलता है कि राम वापस नहीं आए तो वह मूर्छित होकर धरती पर गिर पड़ते हैं और श्रवण कुमार के प्रसंग को सुनाते हुए प्राण त्याग देते हैं। राजा के प्राणांत की खबर मिलते ही पूरी अयोध्या नगरी बेहाल हो जाती है। गुरु वशिष्ठ के आदेश पर राजा के शव को तेल भरी नाव में रखवाया जाता है और भरत-शत्रुघ्न को बुलाने के लिए दूतों को उनके ननिहाल रवाना किया जाता है। इस दौरान दशरथ और सुमंत के विलाप ने दर्शकों को भावुक कर दिया। मंचन में दशरथ की भूमिका शुभांश पांडेय उर्फ बड़े बउआ और सुमंत की भूमिका राहुल सिंह सेंगर ने निभाई।