कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से मंगलवार को सिविल लाइंस स्थित सभागार में जीएसटी नियमों में प्रस्तावित संशोधनों पर टैक्स गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने बताया कि सालाना पांच करोड़ तक के कारोबारी अब वार्षिक रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। हालांकि उन्हें त्रैमासिक जीएसटी अदा करना होगा। मुख्य वक्ता, सीए आशीष बंसल ने बताया कि अब सर्वेक्षण के समय कारोबारी की गिरफ्तारी में राहत दी गई है। पांच करोड़ से अधिक करचोरी होने पर ही गिरफ्तारी होगी। अदालत से गिरफ्तारी वारंट लेना होगा। निर्माताओं को ड्यूटी स्ट्रक्चर्स का रिफंड 15 दिन के बजाए 10 दिन में 90 फीसदी जारी किया जाएगा। कैश लेजर में जमा पूरा पैसा अब आटोमेटिक तरीके से आवेदन पर बैंक खाते में क्रेडिट कर दिया जाएगा। इनवर्टेड ड्यूटी के रिफंड इनपुट सर्विस एवं प्लांट एंड मशीनरी पर अप्रैल 2024 से मिलने लगेगें। 10 हजार से कम के मामलों में नोटिस या जीएसटी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि धारा 17(5) के तहत आईटीसी अब आउटडोर कैटरिंग, स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा, टैली कम्यूनिकेशन टावर, निःशुल्क सैम्पल से वस्तुओं के नष्ट हो जाने पर आईटीसी रिवर्सल से राहत मिल सकेगी। शर्त के साथ आईटीसी का लाभ मिलने लगेगा। चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता ने कहा कि अब एक राज्य से माल दूसरे राज्य से गुजरते हुए यदि तीसरे राज्य में जाना है। तब केवल प्रेषक राज्य एवं प्राप्तकर्ता राज्य के अधिकारी ही वाहन रोक कर जांच कर सकते हैं। बीच में पड़ने वाले राज्य के अधिकारी माल की जांच नहीं करेगे। एक ही पंजीकरण से अब अन्य राज्यों के लिए मल्टीपल पंजीकरण प्राप्त हो सकेगा। अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि सालाना पांच करोड़ तक के कारोबारी अब वार्षिक रिटर्न दाखिल कर सकेगें। लेकिन उन्हें त्रैमासिक जीएसटी अदा करना होगा। इस मौके पर शिवमंगल जौहरी, आशीष जौहरी, संजय गुप्ता, शरद शेखर श्रीवास्तव, शरद सिंघल, मोनू कनौजिया, ओपी वर्मा, अशोक त्रिपाठी, ओंकार सिंह कुशवाह, विनीत राजपूत, विनीत गुप्ता, सुरेश चंद्र यादव, युगल वर्मा, एचएस लांबा, शिवजी श्रीवास्तव, आरसी चतुर्वेदी, विजय कुमार त्रिपाठी, एकेत्रिपाठी, पद्मेश बाजपेयी, अशोक शुक्ला, उत्कर्ष मिश्रा, कैलाश मिश्रा, राज कमल गुप्ता आदि थे।