मंडलायुक्त कार्यालय परिसर में सोमवार को आयोजित मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद उस समय बेहद भावुक हो उठा, जब दृष्टिहीन बुजुर्ग दिव्यांग सुशीला देवी बुजुर्ग पति मोतीलाल के सहारे फरियाद लेकर पहुंचीं। कमजोर शरीर, थकी हुई आवाज और आंखों में बेबसी लिए सुशीला को जैसे ही महिला कर्मियों ने संभालकर बैठाया, वहां मौजूद हर व्यक्ति की नजरें उनकी पीड़ा पर टिक गईं। लेकिन यही मंच उनके लिए उम्मीद की नई किरण भी बना। सुशीला देवी ने कांपते हाथों से अपना प्रार्थना पत्र सौंपते हुए बताया कि श्रावस्ती जिले के इकौना तहसील स्थित पंडितपुरवा में कुछ दबंग लोग उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने रोते हुए कहा कि जमीन के सभी कागजात उनके नाम पर हैं, लेकिन उन्हें बिल्कुल दिखाई नहीं देता और परिवार में कोई सहारा भी नहीं है। पीड़िता की बात सुनते ही सुनवाई कर रहीं अपर आयुक्त मीनू राणा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल एसडीएम इकौना को फोन कर अवैध कब्जा रुकवाने का निर्देश दिया। इस त्वरित कार्रवाई से बुजुर्ग सुशीला के चेहरे पर राहत की झलक साफ दिखी। मानो वर्षों बाद उन्हें न्याय की उम्मीद मिली हो। इसी संवाद में मिश्रौलिया कानूनगो निवासी मीना के राशन कार्ड में छूटे हुए सदस्यों का नाम भी तुरंत जोड़ दिया गया। कार्यक्रम में कुल 17 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से दो का मौके पर निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष 15 शिकायतें संबंधित विभागों को अग्रसारित कर दी गईं। मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने कहा कि मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना है, ताकि उन्हें दर-दर भटकना न पड़े। इस दौरान वन स्टॉप सेंटर प्रभारी चेतना सिंह आदि मौजूद रहीं।