ग्राम प्रधान संगठन ने जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के संचालन और नए कार्यों की स्वीकृति में आ रही दिक्कतों को दूर कराने की मांग की है। संगठन के जिलाध्यक्ष उमापति त्रिपाठी ने जिलाधिकारी को पत्र देकर इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कराने का अनुरोध किया है। पत्र में कहा गया है कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 मई को पूरा होने के बाद शासन ने ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने का आदेश जारी किया था। इसके बाद पंचायतों में विकास कार्यों की गति प्रभावित हुई है। पूर्व में स्वीकृत कार्य बाधित हैं और नए कार्यों को भी समय से मंजूरी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विकास खंडों में अधिकारियों से स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है, जिससे पंचायतों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। संगठन ने मांग की है कि विकास कार्यों की स्वीकृति और संचालन को लेकर एकरूप दिशा-निर्देश जारी कर उनका कड़ाई से पालन कराया जाए। साथ ही ग्राम पंचायतों के बैंक खातों में उपलब्ध वास्तविक धनराशि का ग्राम स्वराज पोर्टल पर सही विवरण प्रदर्शित कराने और जनहित के नए विकास कार्यों को तत्काल स्वीकृति देने की मांग की गई है।