देवरिया में बिजली चोरी के करीब पांच साल पुराने मामले में न्यायालय ने आरोपी हरेन्द्र पासवान की जमानत मंजूर कर ली है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि घटना का कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है और न ही बिजली चोरी में इस्तेमाल तार या अन्य उपकरण बरामद हुए हैं। दिसंबर 2020 में दर्ज प्राथमिकी के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट रवि यादव ने 25 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि के दो जमानतदारों पर रिहाई का आदेश दिया। साथ ही सुनवाई में उपस्थित रहने और गवाहों को प्रभावित नहीं करने की शर्तें लगाईं।