प्राचीन मां बागेश्वरी मंदिर परिसर में बुधवार को सप्ताह पारायण के साथ श्रीमद्भागवत भक्ति ज्ञान यज्ञ कथा समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच दीप प्रज्वलन कर कथा का विधिवत आरंभ किया गया। दीप प्रज्वलन वाराणसी स्थित माता अन्नपूर्णा मंदिर के महंत आचार्य शंकर पुरी महाराज तथा वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथा व्यास पंडित कमोद मिश्रा शास्त्री ने किया। इस अवसर पर आचार्य शंकर पुरी ने कहा कि कलियुग में श्रीमद्भागवत कथा ही जीव के उद्धार का सबसे सरल मार्ग है। उन्होंने कहा कि मां बागेश्वरी की कृपा से बबुरी की धरती पर ज्ञान और भक्ति की गंगा प्रवाहित होगी। कथा व्यास पं. कमोद मिश्रा शास्त्री ने बताया कि सात दिवसीय ज्ञान यज्ञ के दौरान प्रतिदिन सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का संगीतमय वर्णन किया जाएगा। प्रथम दिवस पर भागवत महात्म्य एवं राजा परीक्षित के जन्म की कथा का श्रवण कराया गया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत का श्रवण मनुष्य के पापों का नाश कर उसे भक्ति मार्ग की ओर अग्रसर करता है। शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, माताएं और बहनें कलश यात्रा के साथ शामिल हुईं। कार्यक्रम का संचालन कृष्ण कुमार पांडेय ने किया। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय पुलिस के साथ स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई है।