चहनिया क्षेत्र के बेलवानी वाया चहनिया माइनर की हालत पिछले कई वर्षों से बदहाल बनी हुई है। साफ-सफाई के अभाव में माइनर पटने के कगार पर पहुंच चुकी है, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि सिंचाई से वंचित होने की स्थिति में है। इससे किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। किसानों का कहना है कि भूपौली पंप नहर से निकली बेलवानी वाया चहनिया माइनर पूरी तरह सिल्ट और झाड़ियों से भर गई है। परिणामस्वरूप टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता। मजबूरी में यदि क्षमता से अधिक रेगुलेटर खोल दिया जाता है तो आसपास के किसानों की फसलें डूबकर नष्ट हो जाती हैं। किसानों के अनुसार यदि माइनर की समुचित साफ-सफाई कर उसमें जमी सिल्ट निकलवा दी जाए तो सीमित मात्रा में ही पानी छोड़कर सभी किसान अपनी फसलों की सिंचाई आसानी से कर सकते हैं और पानी की बर्बादी भी नहीं होगी। वर्तमान स्थिति यह है कि चहनिया गांव से लगभग 500 मीटर तक माइनर साफ-सफाई के अभाव में नाली का रूप ले चुकी है, जिससे किसान बेहद हलकान हैं। किसानों ने सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट कराते हुए अविलंब माइनर की खुदाई और साफ-सफाई कराए जाने की मांग की है, ताकि फसलों की सिंचाई सुचारु रूप से हो सके।