बदायूं के राजकीय हाईस्कूल उपरैला में सोमवार को अमर उजाला की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगत की डॉक्टर अनुराधा सक्सेना ने छात्राओं को स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. अनुराधा सक्सेना ने कहा कि स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का वास होता है। महिलाएं जब बीमारियों पर विजय पाती हैं, तभी वे सच्चे अर्थों में अपराजिता बनती हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अपने घर, परिवार और आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा और सुंदर रखते हैं। उसी तरह महिलाओं को अपनी व्यक्तिगत स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने से कई प्रकार की बीमारियों से बचाव संभव है। कार्यक्रम में अर्श काउंसलर गीता पाल ने कहा कि व्यक्तिगत स्वच्छता की अनदेखी करना और बीमारियों को छिपाना गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे किसी भी परेशानी को लेकर शर्म या झिझक न करें और अपने परिवारजनों से खुलकर बात करें। आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर से परामर्श लेकर समय पर उचित उपचार कराएं। साथ ही उन्होंने छात्राओं को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के बारे में भी जागरूक किया और संतुलित खान-पान अपनाने पर जोर दिया। उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सीमा यादव ने अपराजिता अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मुहिम महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के महत्व को समझाते हुए कहा कि लड़कियों की पढ़ाई बेहद जरूरी है, क्योंकि एक शिक्षित बेटी दो परिवारों को लाभ पहुंचाती है। राजकीय हाईस्कूल उपरैला के प्रधानाचार्य आरके वर्मा ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपने स्वास्थ्य और भविष्य के प्रति सजग बनाते हैं। उन्होंने अमर उजाला की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अपराजिता अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।