बिजनौर जनपद के चांदपुर में प्राथमिक विद्यालय नजरपुर को गांव से करीब ढाई-तीन किलोमीटर दूर विद्यालय में मर्ज किए जाने का ग्रामीणों, अभिभावकों व छात्र छात्राओं ने विरोध किया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी से विद्यालय के मर्ज नहीं करने की मांग की है। गांव नजरपुर में अभिभावकों, विद्यालय प्रबंध समिति सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान व अनेक ग्रामीणों की हुई बैठक में स्कूल मर्ज करने पर रोष व्यक्त किया गया। बैठक में पूर्व प्रधान ओमकार सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत का दूसरा विद्यालय नजरपुर से करीब ढाई-तीन किलोमीटर दूर नहर की पटरी से झाड़ियों व गड्ढा वाले रास्ते पर है। जिस पर चीता, गुलदार का खतरा बना हुआ है। इस मार्ग पर कोई ट्रांसपोर्ट का आना जाना भी नहीं है। कामगार तबका होने के कारण बच्चों को स्कूल छोडकर आने व लेने जाने की जिम्मेदारी नहीं उठा सकता है। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के लिए इधर उधर नहीं भटकना पड़े इसके लिए लोगों ने जमीन उपलब्ध कराई थी। किसी भी शासन सरकार को काेई हक नहीं है कि वह उनके बच्चों का शिक्षा का अधिकार छीन ले। यदि स्कूल को अंय स्कूल में मर्ज किया गया तो धरना प्रदर्शन करेगें तथा आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय की शरण भी लेगें। बैठक में यशपाल सिंह, सुनील कुमार, कुलदीप सिंह, मनोज कुमार, जागेश कुमार, खिलेंद्र कुमार, शिवराज सिंह, सुरेंद्र सिंह, राजेश कुमार, राम सिंह, ऋषिपाल सिंह, विपिन कुमार शर्मा, वीर सिंह आदि मौजूद रहे।