पश्चिम बंगाल में हिंसा के दौरान हिंदुओं के घर व संपत्ति को निशाना बनाने व हिंदू समुदाय के लोगों की हत्या के विरोध में बृहस्पतिवार को नाथ नगरी सुरक्षा समूह की ओर प्रदर्शन किया गया। सेठ दामोदर दास पार्क में आयोजित कार्यक्रम में कई अन्य संगठनों के लोग भी इकट्ठे हुए। यहां से कलक्ट्रेट पहुंचकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास को प्रतीकात्मक रूप से जलाने के साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। महानगर संयोजक दुर्गेश गुप्ता ने कहा कि मार्च और अप्रैल के दौरान रामनवमी और हनुमान जयंती पर आयोजित धार्मिक शोभायात्राओं पर हावड़ा, उत्तर 24 परगना, बीरभूम, मुर्शिदाबाद सहित अन्य जिलों में हमला किया गया। वक्फ संशोधन कानून को लेकर प्रदर्शन के दौरान भी हिंदुओं को निशाना बनाया गया। मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज क्षेत्र के जाफराबाद गांव में हरगोविंद दास और उनके पुत्र चंदन दास की हत्या कर दी। कई घटनाएं होने के बाद भी पश्चिम बंगाल की सरकार तुष्टिकरण के चलते सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है। राज्य सरकार की निष्क्रियता और तुष्टीकरण की नीति ने कट्टरपंथियों का मनोबल बढ़ा दिया है। प्रदर्शन के दौरान अग्रवाल सेवा समिति, श्री सनातन धर्म सभा, अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल समिति, बरेली सराफा एसोसिएशन, बरेली महानगर ज्वैलर्स एंड बुलियन एसोसिएशन, व्यापारी सुरक्षा फोरम, रस्तोगी सभा से जुड़े लोग मौजूद रहे। राष्ट्र जागरण उद्योग व्यापार मंडल - खत्री महासभा, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, पंजाबी सेवा संगठन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।