दुधवा और कतर्नियाघाट जैसा जंगल देखने के लिए अब सैकड़ों किलोमीटर दूर जाने की जरूरत नहीं... बाराबंकी के नियामतपुर जंगल में कदम रखते ही आपको कुदरत का ऐसा संसार दिखाई देगा, जहां 132 प्रजातियों के पक्षी, करीब 400 हिरन और बीच जंगल से गुजरती कल कल करती छोटी नदी आपका स्वागत करती है। लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर आप लखनऊ से अयोध्या की ओर जाएंगे तो सफदरगंज चौराहे से दाहिने बांसा मार्ग पर छह किलोमीटर दूर मार्ग पर 605 एकड़ में फैले इस जंगल को ईको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी टीम की टीम ने जंगल के भीतर पहुंचकर यहां की प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता को करीब से देखा। घने जंगल के बीच पेड़ों से छनकर आती रोशनी, झाड़ियों के बीच हलचल करते वन्यजीव, अलग-अलग आवाजों से गूंजता पक्षियों का संसार और बीच जंगल से गुजरती कल्याणी नदी... नियामतपुर में प्रकृति का ऐसा संसार दिखाई देता है, जो इसे सामान्य जंगल से अलग बनाता है। दो किलोमीटर की नेचर ट्रेल में महसूस होगा जंगल का रोमांच पर्यटकों को जंगल के भीतर प्रकृति के करीब ले जाने के लिए करीब दो किलोमीटर लंबी नेचर ट्रेल तैयार की गई है। इस रास्ते पर पैदल चलते हुए पर्यटक घने वन क्षेत्र, पेड़-पौधों, पक्षियों और वन्यजीवों को करीब से देख सकेंगे। जंगल के भीतर शांत वातावरण के बीच अचानक किसी पक्षी की आवाज या झाड़ियों के बीच हिरनों की मौजूदगी इस सफर को रोमांचक बनाएगी।