बाराबंकी में बरसात और नेपाल के बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार सुबह नदी का पानी खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। रामनगर तहसील के सुंदरनगर गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। इससे लोगों में दहशत है। क्षेत्र में पलायन की तैयारी शुरू हो गई है। प्रशासन ने जिले में बाढ़ का अलर्ट जारी करते हुए बाढ़ चौकियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। नदी के उफान का सबसे अधिक असर रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसेनहीघाट क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। सुंदरनगर गांव में मंगलवार तड़के पानी घरों में घुसने लगा। इससे करीब 42 मकानों पर खतरा मंडराने लगा है। गांव के लोगों ने जरूरी सामान समेटना शुरू कर दिया है और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में तराई के दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नदी का बहाव तेज होने से खेत-खलिहान जलमग्न हो गए हैं और संपर्क मार्गों पर भी पानी चढ़ने लगा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि नेपाल के गिरिजा और शारदा बैराजों से पानी छोड़े जाने और लगातार बारिश की वजह से जलस्तर में अचानक उछाल आया है। हर साल सरयू के उफान से बाराबंकी के 100 से 150 गांव प्रभावित होते हैं। पिछली बार आई बाढ़ में तीन गांव बह गए थे। इस बार प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है और 24 घंटे निगरानी के आदेश जारी किए गए हैं।