भीषण गर्मी के बीच शहर में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। सार्वजनिक स्थलों पर जल आपूर्ति की दुर्व्यवस्था और प्रशासन की लापरवाही से आम लोग परेशान हैं। बस स्टेशन पर लगे वाटर कूलर गर्म पानी उगल रहे हैं, जबकि सामाजिक संस्थाओं द्वारा लगाए गए मिट्टी के घड़े कई दिनों से खाली पड़े हैं। पेयजल की उपलब्धता न होने से लोग मजबूर होकर शीतल जल की टोटियों से सामान्य पानी भर रहे हैं या फिर बोतलबंद पानी खरीदने को विवश हैं। हालात यह हैं कि रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों के कारण आरओ फ्रीजर बंद पड़े हैं, और कई जल टोटियां टूटी होने से लगातार पानी की बर्बादी हो रही है। अदालती परिसर और अस्पताल में भी स्थिति चिंताजनक दीवानी न्यायालय परिसर में न तो कोई वाटर कूलर चालू है और न ही पेयजल की कोई वैकल्पिक व्यवस्था है, जिससे अधिवक्ता, वादकारी और महिलाएं गर्मी में बेहद परेशान हैं। जिला अस्पताल में भी मरीजों और तीमारदारों को शीतल जल उपलब्ध नहीं हो पा रहा, जिससे नाराजगी बढ़ती जा रही है। जनसुविधाओं की अनदेखी से नाराज नागरिक शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पानी जैसी बुनियादी सुविधा की अनदेखी प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है। नागरिकों का कहना है कि इस भीषण गर्मी में यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो स्थिति और भयावह हो सकती है।