बाराबंकी में शहर स्थित दूरभाष केंद्र में कभी सिम और कनेक्शन के लिए लोगों की भीड़ लगती थी। पांच साल पहले तक गुलजार रहने वाला यह केंद्र अब सन्नाटे में डूब चुका है। मशीनें कबाड़ में तब्दील हो गई हैं और कर्मचारी गिनती के रह गए हैं। अधिकतर को बीएसएनएल ने बीआरएस दे दिया। अब यहां ना तो कोई लैंडलाइन टेलीफोन कनेक्शन बचा है... ना ही ग्राहक। जिले के दो दर्जन से अधिक केंद्रों का भी यही हाल है। अधिकारियों का कहना है कि बीएसएनएल जल्द ही इन बिल्डिंग्स और संसाधनों को बेचने की तैयारी कर रहा है।