जनपद का एक ऐसा गांव है जो विकास, संसाधन या बुनियादी सुविधाओं की कमी से नहीं, बल्कि अपने नाम के कारण सामाजिक तिरस्कार और मानसिक पीड़ा झेल रहा है। पंदह ब्लॉक की ग्राम पंचायत खड़सरा के पुरवा “रूपवार तवायफ” के ग्रामीण दशकों से इस नाम को बदलने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है। गांव के लोगों का कहना है कि नाम की वजह से महिलाओं को सामाजिक संदेह, युवाओं को उपहास और बुजुर्गों को अपमान का सामना करना पड़ता है।