बलिया में अगस्त क्रांति की स्मृति में मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में क्रांतिकारी जनमुक्ति संगठन, किसान फ्रंट बलिया और क्षेत्रीय संघर्ष समिति फेफना के संयुक्त तत्वावधान में धरना-सभा का आयोजन किया गया। इसमें किसानों, मजदूरों, छात्र-नौजवानों, खुदरा व्यापारियों और दस्तकारों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि अगस्त क्रांति केवल स्मरण या उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्षों और वर्तमान परिस्थितियों पर चिंतन करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1942 में बलिया की जनता ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ निर्णायक संघर्ष कर जिले को आजाद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वक्ताओं ने महंगाई, बेरोजगारी और किसानों-मजदूरों की समस्याओं को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि वर्तमान समय में देश की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक नीतियों पर विदेशी प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों और युवाओं के हितों से जुड़े सवालों को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। धरना-सभा में जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज बुलंद करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनार्दन सिंह ने की, जबकि संचालन प्रवेण सिंह ने किया। इस दौरान शिवाजी सिंह, हसन जावेद, लालू तिवारी, लक्ष्मी सिंह, तेज नरायण, जमाल और सूर्यजीत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।