गोंड जाति प्रमाण पत्र निर्गत कराने की मांग को लेकर तहसील परिसर में धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को प्रशासन ने कड़ा रुख दिखाया है। एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी ने आंदोलनकारियों को नोटिस जारी करते हुए मंगलवार 28 अप्रैल को ही आंदोलन समाप्त करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि धरना खत्म नहीं हुआ तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्यवाही की जाएगी। एसडीएम द्वारा जारी नोटिस के साथ स्वयं तहसीलदार के साथ उपस्थित होकर प्रदर्शन कारियों से कहा गया है कि उमाशंकर गोंड, सुरेश शाह और मनोज शाह सहित अन्य लोगों ने 30 मार्च को जाति प्रमाण पत्र के लिए ज्ञापन सौंपा था। तहसीलदार को नियमानुसार जांच के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। प्रशासन ने प्रदर्शन कारियों को आश्वस्त किया है कि उनके प्रार्थना पत्रों की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। अगले दस दिनों के भीतर सभी आवेदनों पर आवश्यक कार्यवाही पूरी कर ली जाएगी। प्रशासन का कहना है कि आंदोलनकारी बीते दो अप्रैल से तहसील परिसर में बिना किसी आधिकारिक अनुमति के आंदोलन कर रहे हैं। जिससे सरकारी कार्य में बाधा और परिसर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कहा गया है कि बार-बार समझाने के बावजूद प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी ने इस मामले की प्रतिलिपि थानाध्यक्ष बांसडीह को भेजते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। साथ ही नायब नाजिर को निर्देशित किया गया है कि संबंधित पक्षों को इस आदेश से तत्काल अवगत कराएं। प्रशासन की इस सख्ती के बाद तहसील परिसर में गहमागहमी का माहौल बना हुआ है। प्रार्थना पत्रों की जांच तेजी से चल रही है। 10 दिन में समाधान का भरोसा दिया गया है। बिना अनुमति आंदोलन जारी रखने पर विधिक कार्यवाही की जाएगी।