भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रूपईडीहा कस्बे में नेशनल हाईवे 927 पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय लोगों, व्यापारियों और आवागमन करने वाले नेपाली व भारतीय नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद हाईवे पर कस्बे के अंदर भीषण जलभराव हो जाता है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। स्थिति यह हो गई कि जलभराव के बीच लोगों को नेपाली नागरिकों को पीठ पर लादकर सड़क पार कराते हुए देखा गया। सड़क का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा पानी में डूब जाने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सभासद रतन अग्रवाल और पार्वती वर्मा ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार नेशनल हाईवे 927 के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। उन्होंने कहा कि हाईवे निर्माण के बाद से ही जल निकासी की समस्या बनी हुई है। मामले को लेकर बहराइच के सांसद आनंद गोंड ने भी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर अधूरे नालों और जलभराव की समस्या से अवगत कराया था। 7 अप्रैल 2026 को मंत्री द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक अंडर क्रॉस रोड के माध्यम से जल निकासी को दोन्द्रा नाले से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। हालात यह हैं कि क्षेत्र के विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी इसी जलभराव से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।