बहराइच (रुपईडीहा): नेपाल में हिंदू राष्ट्र की बहस एक बार फिर तेज हो गई है। काठमांडू, मोरंग, सुनसरी, सिरहा, सप्तरी, बारा, पर्सा और रौतहट समेत देश के विभिन्न जिलों में हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर चर्चा जोर पकड़ रही है। हाल ही में कांवड़ यात्रा के दौरान हुई गोलीबारी में दो कांवड़ियों की मौत के बाद इस मुद्दे को लेकर बहस और तेज हो गई है। इसी सिलसिले में नेपालगंज के विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक लोगों से बातचीत की गई। वैदिक सनातन हिंदू भजन-कीर्तन संस्था से जुड़े उमा छेत्री, मीन प्रसाद सुवेदी, रमा शर्मा सहित अन्य लोगों ने नेपाल को पुनः हिंदू राष्ट्र घोषित किए जाने का समर्थन किया। उमा छेत्री, मीन प्रसाद सुवेदी और रमा शर्मा ने कहा कि नेपाल की पहचान पुरातन काल से हिंदू राष्ट्र के रूप में रही है। उनका कहना है कि यदि नेपाल को दोबारा हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाता है तो यह देश की पुरानी पहचान को वापस स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। वहीं, बुद्धि प्रसाद न्यौपाने ने अलग राय रखते हुए कहा कि नेपाल में हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध और ईसाई सहित विभिन्न धर्मों को मानने वाले लोग रहते हैं। सभी धर्मों के लोग आपसी भाईचारे और सद्भाव के साथ मिल-जुलकर रहें, यही देश के लिए बेहतर होगा। नेपाल में हिंदू राष्ट्र को लेकर अलग-अलग वर्गों की राय सामने आने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। जहां एक वर्ग देश को हिंदू राष्ट्र का दर्जा वापस दिए जाने की मांग कर रहा है, वहीं दूसरा वर्ग सभी धर्मों के बीच समानता और धार्मिक सद्भाव बनाए रखने को प्राथमिकता दे रहा है।