बहराइच में नए साल का पहला दिन खुशगवार रहने के बाद तराई में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। शुक्रवार की भोर घने कोहरे के साथ हुई। ठिठुरन से लोगों को राहत नहीं मिल सकी। करीब आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली सर्द हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह से ही कोहरे का प्रकोप बना रहा। इससे दृश्यता महज 50 मीटर रही। कोहरे और ठंड के चलते सड़कों पर वाहनों की गति धीमी रही। खासकर सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों, कामकाजी लोगों और व्यापारियों को आवागमन में विशेष दिक्कत हुई। हालात यह रही कि कोहरा बूंद बनकर बरसता रहा। बर्फीली हवाओं के कारण लोग कांपते नजर आए। ठंड का असर इतना रहा कि सुबह दस बजे तक बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। हाईवे, मुख्य मार्गों और संपर्क सड़कों पर आवागमन प्रभावित रहा। मौसम की मार से दिहाड़ी मजदूर और पटरी दुकानदार सबसे अधिक प्रभावित दिखे। लगातार पड़ रही ठंड से न केवल इंसान बल्कि पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। बेसहारा मवेशी ठंड से बचने के लिए झुंड बनाकर खाली स्थानों पर बैठे दिखाई दिए। भारत–नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी सर्दी ने लोगों को बेहाल किया। चारपहिया वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर वाहन चलाने को मजबूर होना पड़ा। न्यूनतम तापमान 7.9 और अधिकतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। आंचलिक मौसम विज्ञान विभाग के विशेषज्ञ एके सिंह ने बताया कि आगामी तीन दिनों तक तराई क्षेत्र में इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना है।