उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों के विलय के खिलाफ बागपत में सियासी हलचल तेज हो गई। आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बागपत कलेक्ट्रेट में जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार का यह फैसला गांवों के बच्चों की शिक्षा के अधिकार पर हमला है। धरने के दौरान भाकियू ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने यह निर्णय वापस नहीं लिया तो बीएसए कार्यालय पर तालाबंदी की जाएगी। प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं ने कहा कि पहले ही ग्रामीण शिक्षा संकट में है और अब स्कूलों को एकजुट करने की बजाय सरकार उन्हें खत्म करने की ओर बढ़ रही है, जिससे गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी। इस प्रदर्शन में रालोद के पूर्व विधायक भी शामिल हुए और उन्होंने आश्वासन दिया कि यह मुद्दा राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी के समक्ष उठाया जाएगा। सभी संगठनों ने संयुक्त रूप से मांग की कि प्राथमिक विद्यालयों के विलय का प्रस्ताव रद्द किया जाए और शिक्षा को राजनीतिक प्रयोग से दूर रखा जाए।