फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO: पलाश के जंगल सिमटे, दोना-पत्तल व्यवसाय पर संकट

Ishwar Ashish Bhartiya Updated Fri, 05 Jun 2026 10:11 AM IST

राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में धार्मिक आयोजनों और भंडारों की संख्या बढ़ने से पलाश के पत्तल-दोने की मांग कई गुना बढ़ गई है, लेकिन ढाक के जंगल तेजी से खत्म हो रहे हैं। अनियंत्रित कटाई और विकास कार्यों के कारण पलाश के पेड़ दुर्लभ होते जा रहे हैं, जिससे बनवासी समुदाय का पुश्तैनी रोजगार संकट में पड़ गया है। प्राचीन काल से यज्ञ, हवन और भंडारों में पलाश के पत्तल को पवित्र माना जाता रहा है। नन्दापुर की अनारकली बताती हैं कि पहले पास के जंगल से आसानी से पत्ते मिल जाते थे, लेकिन अब कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। वहीं बुजुर्ग मनीराम बनवासी ने बताया कि दोना-पत्तल ही कभी उनकी आजीविका का मुख्य साधन था। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पलाश के संरक्षण के लिए नए पौधरोपण और कटाई पर सख्ती की मांग उठाई है।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें