बीकापुर। उप निबंधक कार्यालय बीकापुर में सोमवार को दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं, स्टाम्प विक्रेताओं, कंप्यूटर ऑपरेटरों एवं मुंशियों ने उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निजी संस्थाओं के माध्यम से दस्तावेजों का पंजीकरण कराए जाने के प्रस्ताव के विरोध में कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय परिसर तथा मुख्य द्वार पर एकत्र होकर शासन के निर्णय के खिलाफ नारेबाजी की। दस्तावेज संघ के अध्यक्ष गुरु प्रसाद के नेतृत्व में आयोजित धरने में बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक और पंजीकरण कार्य से जुड़े लोग शामिल हुए। अध्यक्ष गुरु प्रसाद ने बताया कि शासन द्वारा 4 जून 2026 को जारी आदेश के तहत निजी संस्थाओं के माध्यम से दस्तावेज पंजीकरण की व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि इससे प्रदेश भर में अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों, स्टाम्प विक्रेताओं, कंप्यूटर ऑपरेटरों और मुंशियों के रोजगार पर संकट खड़ा हो जाएगा। दस्तावेज लेखक विनय पांडेय ने कहा कि नई व्यवस्था से पंजीकरण प्रक्रिया सरल होने के बजाय और जटिल होगी तथा भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य रोजगार सृजन होना चाहिए, न कि रोजगार समाप्त करना। कार्य बहिष्कार के चलते सोमवार को रजिस्ट्री कार्यालय में पंजीकरण सहित अन्य कार्य प्रभावित रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो जिला एवं प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। धरने में गुरु प्रसाद, विनय पांडेय, विजय कुमार निषाद, पवन मिश्रा, पीयूष भट्ट, राधेश्याम राय, कन्हैयालाल, वीरेंद्र शर्मा, उमेश चंद्र तिवारी, रविशंकर त्रिपाठी, चंद्रजीत यादव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।