अयोध्या धाम बस अड्डा स्थित सागर पैलेस में 81 दिवसीय गविष्ठि (गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा के दौरान आयोजित प्रेसवार्ता में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने राम मंदिर की व्यवस्था और अन्य विषयों पर अपनी आपत्तियां जताईं। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर मामले में विराजमान रामलला के नाम से मुकदमा लड़ा गया था, लेकिन अब मूल प्रतिमा को हटाकर दूसरी प्रतिमा स्थापित कर दी गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आम संतों को गर्भगृह में प्रवेश नहीं मिलता, जबकि कुछ विशिष्ट व्यक्तियों को ही दर्शन की अनुमति है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि हनुमान मंदिर परिसर में नमाज पढ़े जाने का दावा किया गया है तो उसके साक्ष्य सार्वजनिक किए जाएं। प्रेसवार्ता के बाद शंकराचार्य हनुमानगढ़ी पहुंचकर हनुमानजी के दर्शन किए।