अयोध्या नगर निगम बोर्ड की बैठक में इस वित्तीय वर्ष के विकास कार्यों के लिए कई फैसले लिए गए। बैठक आयुक्त कार्यालय के गांधी सभागार में महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि अब पार्षदों के प्रस्ताव पर नगर निगम 10 लाख रुपये तक के विकास कार्य कराएगा। साथ ही सुंदरीकरण किए गए रामनगरी के नौ कुंडों को नगर निगम रखरखाव के लिए अपने अधीन लेगा। महापौर ने बताया कि अयोध्या सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से वैश्विक पहचान बना चुकी है। बढ़ती जीएसटी और पर्यटन के कारण शहर की अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है। इसी क्रम में नगर निगम ने एक हजार करोड़ रुपये के बजट का लक्ष्य रखा है। बैठक में कई पार्षदों ने अधूरे सड़क और नाली निर्माण, सीवर लाइन के बाद टूटी सड़कों और स्ट्रीट लाइट की खराब व्यवस्था पर नाराजगी जताई। निर्माण विभाग और कुछ कर्मचारियों की लापरवाही पर कार्रवाई का प्रस्ताव भी ध्वनि मत से पास किया गया। नए नगर निगम कार्यालय भवन के लिए स्वीकृत 108 करोड़ में नगर निगम के हिस्से की 28 करोड़ रुपये की राशि लंबित होने पर भी चर्चा हुई। विधायक ने इसे जल्द अवमुक्त कराने का आश्वासन दिया। बैठक में यह भी तय किया गया कि तुलसी स्मारक कन्या इंटर कॉलेज में समाजसेवी कृष्णारानी शर्मा की प्रतिमा लगेगी और देवकाली अंडरपास का नाम बलिदानी सैनिक जगदंबा प्रसाद पांडेय के नाम पर रखा जाएगा।