अयोध्या में प्रभु श्रीराम का शुभ तिलकोत्सव 18 नवंबर को दोपहर दो बजे विधि-विधान पूर्वक संपन्न होगा। लगभग 300 से अधिक जनकपुरवासी तिलकहरुओं में से कुछ का 16 नवंबर से ही आगमन शुरू हो गया है। तिलकहरुओं को सम्मान और सुविधापूर्वक ठहराने के लिए कारसेवकपुरम, अभयदाता हनुमान आश्रम, विवेक सृष्टि, माता सरस्वती देवी मंदिर और तीर्थ क्षेत्र भवन में व्यवस्था की गईं है। तिलक उत्सव समारोह के लिए रामसेवकपुरम परिसर में तैयार किए जा रहे मंच पर राम के स्वरूप में सज्जित 18 वर्षीय युवक को आटे से बनाए गए चौक अथवा सिंहासन पर विराजित किया जाएगा। जनकपुर के तिलकहरू अपने साथ कांसे के थाल, दो कटोरी, गिलास, चम्मच आदि पांच परम्परागत बर्तनों सहित अन्य बर्तन लाएंगे। इसके अलावा पीली धोती, गमछा, करधनी (डाड़ा), हल्दी गांठ, चंदन गांठ (मुट्ठा), धान, पीले चावल, दूर्वा (दूब घास), पान, इलायची, सुपारी (पुंगी फल), यज्ञोपवीत (जनेऊ), चांदी के सिक्के आदि परंपरागत वस्तुएं तिलक समारोह के दौरान राम के स्वरूप को भेंट की जाएंगी। श्रीराम का तिलक चढ़ाने के लिए सीता जी के छोटे भाई की भूमिका जानकी मंदिर जनकपुर के छोटे महंत रामरोशन दास जी निभाएंगें । इस पल के साक्षी बनने के लिए जनकपुर मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री सतीश कुमार सिंह अपने आधा दर्जन मंत्रियो के साथ उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा विशिष्ट अतिथि के रूप मे जनकपुर के मेयर (महापौर) मनोज कुमार शाह नेपाल के अन्य तीन मेयर के साथ मौजूद रहेंगे । तिलकहरुओं के स्वागत भोजन में स्वादिष्ट आलू टिक्की, पापड़ी चाट, छोला, चावल, पूड़ी, मिक्स सब्जी, रायता, पापड़, हलवा आदि का इंतजाम किया गया है। वेदज्ञ आचार्यों के मन्त्रोच्चार के बीच तिलक चढ़ाया जाएगा। साथ ही अयोध्या की महिलाओं की टोली तिलक पर अवध क्षेत्र में गाए जाने वाले परम्परागत लोकगीतों का मंगलगान करेंगी।