राम की नगरी अयोध्या में छह दिसंबर के मौके पर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में संत समाज ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। इसके बाद बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस का पुतला जलाया और उसे पैरों से रौंदा। संत समाज ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही बर्बरता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री, उनके मंत्रिमंडल और बांग्लादेश सरकार के साथ बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमला कर रहे हमलावरों को भी चेतावनी दी है। हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ कर संत समाज ने हनुमान जी से हिंदुओं के रक्षा की प्रार्थना की है। तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगदगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि आज छह दिसंबर शौर्य दिवस है और आज का दिन न्याय दिवस है। मुगल आक्रांता बाबर की ओर से बनाए गए मस्जिद को आज के ही दिन रामभक्तों ने जमींदोज किया था। तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के ऊपर इस समय जिस तरह की बर्बरता की जा रही है, हिंदू मंदिरों को तोड़ रहे हैं, बहन-बेटियों की इज्जत लूट रहे हैं, हिंदुओं की दुकानों को लूट रहे हैं, हिंदुओं के घरों में आग लग रहे हैं, उसको लेकर हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया है। हमने हनुमान जी से प्रार्थना की है कि हिंदुओं की रक्षा करें। जगदगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस की छाती पर पैर रखकर किया गया है। जगदगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि अगर बांग्लादेश में हिंदुओं के ऊपर हिंसा नहीं रोकी गई तो बाकी मुस्लिम जिहादियों को धूल में मिला दिया जाएगा। आज के शौर्य दिवस की यह सूचना बांग्लादेश के जिहादी, वहां की अदालतों, बांग्लादेश के मंत्रिमंडल और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के लिए चेतावनी है।