घूरीटीकर गांव में करीब तीन फीट जमीन को लेकर सोमवार को हुए विवाद के बाद मंगलवार को मामला फिर चर्चा में रहा। विवादित जमीन को लेकर रामतीरथ निषाद ने सिविल न्यायालय अयोध्या में मुकदमा दाखिल किया है। इसी मामले में सोमवार दोपहर करीब एक बजे न्यायालय से कमीशन जमीन की नापजोख करने पहुंचा था। नापजोख पूरी होने के बाद पुलिस के मौके पर पहुंचने पर विवाद बढ़ गया। रामतीरथ निषाद के परिवार की सदस्य मंगला पत्नी राजेश कुमार ने पुलिस पर गंभीर मारपीट का आरोप लगाया है। मंगला का कहना है कि नापजोख के बाद पुलिसकर्मी घर के अंदर पहुंचे और पूछताछ शुरू की। महिलाओं और पुरुषों ने इसका विरोध किया। मंगला के मुताबिक, इसके बाद पुलिस ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। मंगला ने दावा किया कि उसकी पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर डंडे के निशान पड़े हैं। उसका यह भी आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके सास-ससुर के साथ भी मारपीट की। मंगला ने कहा, “हम लोगों ने पुलिस वालों को नहीं मारा है, पुलिस ने हम लोगों को मारा है।” मंगला के मुताबिक, विरोध के दौरान महिलाओं ने एक सिपाही को कमरे में बंद कर दिया था। सूचना के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल गांव पहुंचा और सिपाही को बाहर निकाला गया। उधर, गयासपुर चौकी के आरक्षी पंकज कुमार की तहरीर में ग्रामीणों पर पुलिस टीम के साथ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और आरक्षी को कमरे में बंद करने का आरोप लगाया गया है। चौकी प्रभारी आफताब अंसारी के साथ भी मारपीट का आरोप है। मामले में नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी लाल चंद सरोज ने बताया कि पुलिस टीम शिकायत की जांच के लिए मौके पर गई थी। इसी दौरान पुलिसकर्मी को घर के अंदर बंद करने की बात सामने आई। मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों के गंभीर आरोपों के बीच मंगला के चोटों का चिकित्सकीय परीक्षण, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मौके के साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा नियम विरुद्ध बल प्रयोग की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।