यूपी के अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े हालिया घटनाक्रम और चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद उपजे माहौल के बीच मणिराम दास छावनी में संत समाज की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई। बैठक में अयोध्या के प्रमुख संत-महंतों के साथ विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद हैं। बैठक में,100 से अधिक साधु-संत शामिल है। संघ के प्रांत प्रचारक कौशल, विहिप के महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा, धर्माचार्य संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी पहुंच चुके हैं। बैठक का केंद्र राम मंदिर से जुड़े हालिया घटनाक्रम, श्रद्धालुओं के बीच बने माहौल और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेकर उठे सवाल हैं। संतों से सुझाव लेने के साथ आगे की रणनीति पर भी चर्चा की जा रही है। यह भी माना जा रहा है कि श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत करने और संत समाज का पक्ष सामने लाने पर विशेष जोर रहेगा। गौरतलब है कि एक दिन पहले हुई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में धार्मिक समिति का गठन किया गया था, जिसमें अयोध्या के कई प्रमुख संतों को स्थान दिया गया। इसे संत समाज की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। कुछ संत ट्रस्ट और उसके पदाधिकारियों के समर्थन में भी अपनी बात रख सकते हैं। अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े मौजूदा घटनाक्रम के बीच इस बैठक को राजनीतिक और धार्मिक, दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।