अयोध्या में घटना रौनाही थाना क्षेत्र के पिलखांवा गांव निवासी 17 वर्षीय दलित किशोरी ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। मृतका के परिजनों ने आत्महत्या के पीछे प्रेम प्रसंग में उत्पीड़न और पुलिस की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। परिजनों का कहना है कि मृतका ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट लिखा है। इसमें उसने अंजनाई तारा गांव निवासी प्रेमचंद रावत, उसके भाई करमचंद, पिता शत्रुघ्न, मां और बुआ पर गंभीर मानसिक और शारीरिक शोषण के आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट में किशोरी ने यह भी उल्लेख किया है कि रौनाही थाना क्षेत्र के ही एक पुलिसकर्मी की इन आरोपियों से मिलीभगत है। इसके चलते आरोपी खुलेआम धमकाते और प्रताड़ित करते रहे। मृतका के परिवारीजनों का आरोप है कि पुलिस ने युवती पर मेडिकल न कराने का दबाव बनाया। परिजनों के मुताबिक आरोपी लगातार किशोरी से संबंध बनाने का दबाव बनाता रहा और शिकायतों के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे क्षुब्ध होकर किशोरी ने खुदकुशी कर ली।ग्रामीणों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और पुलिसकर्मी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है। थाना प्रभारी सुमित श्रीवास्तव ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। सुसाइड नोट और परिजनों से मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।