गजरौला। कांवड़ियों का मार्ग चार हजार लाइटों से जगमग होगा। बिजनौर जिले की सीमा से लेेकर बदायूं-बिल्सी स्टेट हाईवे और कुमराला चौकी के पीछे से बसैली फाटक वाले मार्ग से शहवाजपुर डोर से दिल्ली-लखनऊ हाईवे तक बांस की बल्लियों पर 40 वॉल्टेज की एलईडी लाइट लगाकर उनमें जनरेटर से बिजली दी जाएगी। धनौरा-चांदपुुर-गजरौला-हसनपुर मार्ग को स्टेट हाईवे कहा जाता हैै। हरिद्वार से कांवड़ में गंगा जल लाने वाले लाखों कांवड़िये इसी मार्ग से गुजरते हैं। इनमें संभल, चंंदौसी, बहजोई, बदायूं, गवां, बबराला के कांवड़िये सलेमपुर गौसाईं से नगर के मोहल्ला बस्ती से होते हुए इंदिरा चौक से चौपला होकर निकल जाते हैं, जबकि अलीगढ़, बुलंदशहर, हाथरस, मथुरा, एटा, इटावा, मैनपुरी समेत कई जिलों के कांवड़िये कुमराला चौकी के पीछे से बसैली फाटक को पार कर शहवाजपुुर डोर होते हुुए दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर पहुंचकर अपनी मंजिल तय करते हैं। कांवड़ियों के जत्थे दो स्थानों सेे धनौरा तहसील क्षेत्र में दाखिल होते हैं। धनौरा से फीना मार्ग पर और धनौरा-चांदपुुर मार्ग पर रसूलपुर की तरफ से। इसके बाद वह धनौरा, बछरायूं होते हुए गजरौला की तरफ आते हैं। इस मार्ग पर दोनों तरफ इस कदर पेड़ हैं कि दोपहर में भी हल्का अंधेरा जैसा रहता हैै। दिन छिपते ही घने अंधेरेे में कुछ दिखाई नहीं देता, जबकि कांवड़ियों का सबसे अहम मार्ग हैै। सावन की कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली हैै। कांवड़ियों को अंधेरे में परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए इस अहम मार्ग पर रोशनी का इंतजाम किया जा रहा है। छह टीम जगह-जगह पर बांसी की बल्लियां लगाकर उन पर बिजली के तार खींच रहे हैं। साथ ही प्रत्येक बल्ली पर 40 वॉल्ट की एलईडी लाइट लगा रहे हैं। बिजनौर जिले की सीमा से लेेकर बसैली फाटक से होते हुए शहवाजपुर डोर को पार कर हाईवे तक करीब चार लाइट लगाई जाएंगी। काम करने वाले कर्मचारियों नेे बताया कि यह काम जिला प्रशासन करा रहा हैै। दस जनरेटर से बिजली दी जाएगी। दिन छिपते ही रोशनी दी जाएगी और सुबह तक पूरे सावन माह जनरेटर चला करेंगे। कांवड़ियों को अंधेरे में यात्रा तय नहीं करनी पड़ेेगी।