गंगा में आई बाढ़ ने सब्जियों के साथ ही धान व चारे की फसल को लील लिया। किसानों का बड़ा नुकसान हो गया हैै। उनका दर्द छलकने लगा हैै। बीते शनिवार को आई बाढ़ के कारण तिगरी में गंगा का जल स्तर 290 मीटर हो गया था। तमाम खेतों में बाढ़ का पानी भर गया था। फसलें बाढ़ सेे लबालब हो गईं। अगले दिन सेे बाढ़ का पानी कम होनेे लगा, लेकिन जिन निचले खेतों में भर गया था, उनमें कम नहीं हुआ। ऐेसे खेतों में किसान धान और चारेे की फसल उगातेे हैं। दोनों ही फसलें बेहद कमजोर मानी जाती हैं। बाढ़ का पानी भरते ही सूखने और गलने लगती हैं। सोमवार को मोेहरका पट्टी के खेतों में दूर तक पानी भरा था। इस दौरान खेत देखने आए चौधरी असगर अली धान की फसल को डूबा हुआ देख स्तब्ध रह गए। बराबर में ही उनके खेत में चारे की फसल में भी बाढ़ का पानी भरा था। उन्होंने बताया कि उनके 15 बीघे में धान की फसल थी, जोे बर्बाद हो गई। इतनी ही चारा की फसल को बाढ़ ने लील लिया हैै। उन्होंने लाखों रुपये का नुकसान होनेे की बात कही।