अमेठी-जगदीशपुर। प्रेमगढ़ स्थित रानीगंज गन्ना क्रय केंद्र पर घटतौली का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। किसानों के हंगामे, प्रशासनिक जांच और तौल प्रभारी को हटाए जाने के बाद यह प्रकरण शासन स्तर तक पहुंच गया है। अलीनगर निवासी किसान प्रदीप सिंह ने उपजिलाधिकारी, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटतौली का खुलासा और किसानों का आक्रोश सोमवार को प्रदीप सिंह दो ट्राली गन्ना लेकर क्रय केंद्र पहुंचे थे। पहली ट्राली का वजन 39.65 कुंतल दर्ज किया गया, जबकि दूसरी का 32.65 कुंतल। संदेह होने पर निजी धर्मकांटे पर दोबारा तौल कराने पर दूसरी ट्राली का वजन भी 39.65 कुंतल निकला। जांच के दौरान केंद्र के धर्मकांटे के नीचे ‘जग’ लगा पाया गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि तराजू में हेरफेर किया जा रहा था। यह जानकारी फैलते ही किसानों में आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने तौल कार्य रुकवा दिया। प्रशासनिक कार्रवाई और तकनीकी जांच सूचना पर तहसील प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच के बाद तौल प्रभारी को हटाने के निर्देश दिए गए और कांटे की तकनीकी जांच शुरू कराई गई। मंगलवार को भी तौल कार्य पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सका। कांटे को दुरुस्त कराने के लिए हैदरगढ़ चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक जगदीश यादव टीम के साथ केंद्र पर डटे रहे। हालांकि, कांटा सही न होने और नए तौल प्रभारी की नियुक्ति न होने से गन्ने की तौल नहीं हो सकी। किसानों की आर्थिक क्षति का दावा और भविष्य की चेतावनी किसान प्रदीप सिंह ने शासन स्तर तक शिकायत भेजते हुए पूर्व में हुई तौल की जांच, आर्थिक नुकसान की भरपाई और दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि 10 हजार कुंतल के अनुपात से अब तक किसानों का साढ़े छह लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अन्य किसानों ने भी पूर्व में तौले गए गन्ने की दोबारा जांच की मांग उठाई है। क्षेत्र में इस घटना को लेकर किसानों में गहरा रोष है। उनका कहना है कि यदि उच्चस्तरीय जांच कर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। जांच का आश्वासन और दोषियों पर कार्रवाई तहसीलदार मुसाफिरखाना राहुल सिंह का कहना है कि लिखित शिकायतों के आधार पर विस्तृत जांच कराई जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रस्तुत की जाएगी। हैदरगढ़ चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक जगदीश यादव ने बताया कि केंद्र 15 दिसंबर 2025 से संचालित है और अब तक 10,024 कुंतल गन्ने की तौल हो चुकी है। उन्होंने तकनीकी खामी दूर कर जल्द तौल शुरू कराने का दावा किया है।