अघोषित बिजली कटौती से नाराज महिलाओं ने बुधवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महिलाओं ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी में दिन और रात की लगातार कटौती से घर-गृहस्थी का कामकाज ठप हो रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। काफी देर तक प्रदर्शन के बाद अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपकर जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व रीता सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि रात में कई बार बिजली गुल होने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। बार-बार बिजली आने-जाने से घरेलू उपकरण प्रभावित हो रहे हैं, पेयजल संकट गहरा रहा है और किसानों को सिंचाई के लिए रातभर जागना पड़ रहा है। धान की फसल की सिंचाई समय पर न होने से खेती भी प्रभावित हो रही है। महिलाओं ने मांग की कि अघोषित बिजली कटौती तत्काल बंद कर रात्रिकालीन निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही 33/11 केवी उपकेंद्र गौरीगंज को जायस और हथवा उपकेंद्रों से अलग फीडर से जोड़ने की मांग उठाई। उनका कहना था कि तीनों उपकेंद्र एक ही लाइन से जुड़े होने के कारण बार-बार फॉल्ट और ओवरलोडिंग होती है, जिससे आपूर्ति बाधित रहती है। ज्ञापन में जर्जर व लटकते बिजली तारों को बदलने की भी मांग की गई। प्रदर्शन में अनीता गौतम, कमलेश सरोज, रामलखी, लावित्री, गोलका, सनीना समेत कई महिलाएं मौजूद रहीं।