बिजली कटौती के विरोध में गौरीगंज 132 केवी उपकेंद्र पर हुए धरने के बाद दर्ज रिपोर्ट के विरोध में सोमवार को महिला किसानों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के उद्देश्य से उनके खिलाफ फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर अपने खिलाफ दर्ज रिपोर्ट वापस लेने और उनकी शिकायत पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व रीता सिंह जनकल्याण समिति की अध्यक्ष रीता सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि 16 जुलाई को बिजली कटौती से परेशान किसान और महिलाएं गौरीगंज 132 केवी उपकेंद्र पर धरने पर बैठे थे। आरोप है कि उसी दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की पिटाई की और महिलाओं से अभद्रता की। बाद में अवर अभियंता की तहरीर पर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई, जबकि उनकी ओर से दी गई तहरीर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिला किसानों ने आरोप लगाया कि केवल ऊर्जा निगम के अधिकारियों की शिकायत पर कार्रवाई कर आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने मांग की कि धरने के दौरान महिलाओं से अभद्रता करने वाले अवर अभियंता व ऊर्जा निगम कर्मियों के खिलाफ तत्काल रिपोर्ट दर्ज की जाए। साथ ही पुलिस द्वारा पिटाई के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और प्रदर्शनकारियों की तहरीर पर भी रिपोर्ट दर्ज की जाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में काफी देर तक नारेबाजी होती रही। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर ज्ञापन लिया और मामले में नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी।