यूपी के अमेठी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अनियमितता के आरोप में निलंबित जिला समाज कल्याण अधिकारी का प्रभार उपायुक्त मनरेगा शेर बहादुर को सौंप दिया गया है। ये वही अफसर हैं जिन्हें तीन माह पहले रिश्वतखोरी के आरोप में यहां से हटाकर मुख्यालय संबद्ध कर दिया गया था। पिछले सप्ताह ही उन्हें वापस अमेठी भेजा गया। इसी बीच उन्हें जिला समाज कल्याण अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर चहुंओर चर्चाओं का बाजार गर्म है। जिला समाज कल्याण अधिकारी नलिन राज पर 19 जनवरी को कार्रवाई हुई। उन्हें निलंबित कर निदेशालय से संबद्ध कर दिया गया। वह 12 दिसंबर 2025 को मेडिकल लीव पर चले गए थे। उस समय समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी परियोजना निदेशक ऐश्वर्य यादव को सौंप दी गई थी। सामूहिक विवाह योजना में गड़बड़ी का खुलासा पीडी ने ही किया था, जिसके बाद विवादित फर्म के संचालक ने उन पर कमीशन मांगने का आरोप लगा दिया। उनके खिलाफ भी जांच चल रही है। हाल ही में जब नलिन राज को निलंबित किया गया, उसके बार ऐश्वर्य ने भी समाज कल्याण विभाग का प्रभार किसी और को देने के लिए सीडीओ सचिन सिंह को पत्र लिखा। डीएम के अनुमोदन पर जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह ने उपायुक्त मनरेगा को इसी महत्वपूर्ण विभाग का प्रभार दे दिया, जो चार दिसंबर से सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर चर्चा में है। महापुरुषों पर विवादित टिप्पणी और कमीशन मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद उपायुक्त मनरेगा शेर बहादुर को यहां से हटा दिया गया था। पांच दिन पूर्व ही उन्होंने फिर उपायुक्त मनरेगा का कार्य भार संभाला। इस वायरल ऑडियो का संज्ञान लेकर ही उन पर कार्रवाई की गई थी। हालांकि, बाद में उन्हें क्लीनचिट देकर वापस अमेठी ही भेज दिया गया। समाज कल्याण विभाग में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का पटल देख रहे शुभम तिवारी से प्रभार वापस ले लिया गया है। उनकी जगह लिपिक राहुल को ये जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीडीओ सचिन कुमार सिंह ने बताया कि कुछ दिनों के लिए उपायुक्त मनरेगा को समाज कल्याण विभाग का प्रभार दिया गया है। जल्द ही नए जिला समाज कल्याण अधिकारी की पोस्टिंग यहां होनी है। फरवरी में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन कराया जाएगा।