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अमेठी में पट्टा मिला, फिर भी छह माह से तालाब पर कब्जे को भटक रही महिला

अमेठी में शनिवार को मुसाफिरखाना तहसील परिसर में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। हाल फरियादियों की भीड़ से भरा रहा। भूमि विवाद, पैमाइश, कब्जा और सार्वजनिक रास्तों से जुड़े मामलों ने अफसरों को घेर लिया। जिलाधिकारी संजय चौहान और पुलिस अधीक्षक सरवणन टी ने लोगों की शिकायतें सुनकर संबंधित विभागों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। रामरायपुर गांव की एक महिला बेटे संग तहसील पहुंची। महिला ने बताया कि छह माह पहले मत्स्य पालन का पट्टा मिला था, मगर अब तक तालाब पर कब्जा नहीं मिल सका। कई बार शिकायत के बाद भी सीमांकन नहीं हुआ। महिला ने कहा कि हर बार आश्वासन मिला, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। मामला सुनने के बाद जिलाधिकारी ने एसडीएम को वीडियोग्राफी के बीच सीमांकन कराकर कब्जा दिलाने का निर्देश दिया। बाजारशुकुल क्षेत्र के दक्खिन गांव क्यार निवासी उदयराम ने भूमि पैमाइश में विरोधाभास का मामला उठाया। उनका कहना था कि चकबंदी विभाग रजबहा माइनर की चौड़ाई 16 मीटर बता रहा है, जबकि नहर विभाग 28 मीटर मान रहा है। इस अंतर से उनकी भूमि प्रभावित हो रही है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब कर जांच के निर्देश दिए। खालिस बाहरपुर गांव के दिव्यांग हसमत अली ने सह खातेदारों के बीच रास्ते के विवाद की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि सभी हिस्सेदार आपसी बंटवारे के अनुसार अपनी भूमि पर काबिज हैं, फिर भी कुछ लोग जबरन रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने राजस्व और पुलिस विभाग को संयुक्त जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पूरे मोहम्मद नेवाज निवासी सुंदरलाल ने सार्वजनिक रास्ते पर टीनशेड रखकर आवागमन बाधित करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कई बार शिकायत के बाद भी रास्ता खाली नहीं कराया गया। मठा भुसुंडा गांव के राम अक्षयवर ने भी सार्वजनिक खड़ंजा बंद किए जाने का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि गांव का पुराना रास्ता अवरुद्ध होने से लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। समाधान दिवस में पहुंचे अधिकतर मामले राजस्व विभाग से जुड़े रहे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा में हो, ताकि फरियादियों को बार-बार तहसील का चक्कर न लगाना पड़े। मुसाफिरखाना तहसील में 25 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें पांच का मौके पर निस्तारण कराया गया। तिलोई तहसील में 24 शिकायतें आईं। इनमें दो मामलों का समाधान हुआ। अमेठी तहसील में 24 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें एक शिकायत का निस्तारण कराया गया। गौरीगंज तहसील में 46 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें चार मामलों का समाधान कराया गया। शेष शिकायतों के निस्तारण के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को मौके पर भेजा गया।

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