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अमेठी में जिला अस्पताल में महिला चिकित्सक नहीं होने से मरीज परेशान

अमेठी में गौरीगंज स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय में महिला चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यहां महिला चिकित्सक की नियमित नियुक्ति नहीं होने से सीएचसी पर तैनात दो महिला चिकित्सकों को संबद्ध कर ओपीडी चलाई जा रही है, लेकिन यह व्यवस्था भी अपर्याप्त साबित हो रही है। प्रतिदिन औसतन 100 से 150 महिला मरीज इलाज के लिए आती हैं, जिन्हें अक्सर निराशा हाथ लगती है। गंभीर गर्भवतियों को ऑपरेशन के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। चिकित्सालय में संबद्ध दो महिला चिकित्सकों में से एक, डॉ. पुलक यादव, अवकाश पर हैं। वहीं, दूसरी संबद्ध चिकित्सक, डॉ. रुचिका सेठ, सप्ताह में केवल तीन दिन शुक्रवार, शनिवार और सोमवार को ओपीडी कर रहीं हैं और सीजेरियन ऑपरेशन भी इन्हीं दिनों में संभव हो पाते हैं। इससे शेष तीन दिनों में महिला मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ता है, और आवश्यक ऑपरेशन भी टल जाते हैं। यहां नियमित रूप से तैनात गायनाकोलॉजिस्ट डॉ. विजय कुमार गुप्ता को नसबंदी कैंप के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज तिलोई से भी संबद्ध कर दिया गया है। जिससे जिला अस्पताल महिला चिकित्सक विहीन हैं। यह स्थिति क्षेत्र की महिलाओं के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। अस्पताल में मिलीं गर्भवती स्नेह लता ने बताया कि सुबह दस बजे आने के बाद भी दो घंटे इंतजार करना पड़ा, फिर भी पता चला कि महिला चिकित्सक केवल तीन दिन ही उपलब्ध रहती हैं। किरन मिश्रा ने भी महिला चिकित्सक की कमी से हो रही दिक्कतों पर प्रकाश डाला और नियमित नियुक्ति की मांग की। मरीजों का कहना है कि यदि ओपीडी में दो महिला चिकित्सक नियमित रूप से उपलब्ध रहें, तो मरीजों को काफी सुविधा मिल सकेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि महिला चिकित्सक की तैनाती को लेकर लगातार पत्र लिखा जा रहा है। बताया कि अभी संबद्ध चिकित्सक के भरोसे ओपीडी व ऑपरेशन की व्यवस्था कराई जा रही है।

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